हाईकोर्ट के आदेश से बिना प्रभावित हुए आरोपी की जमानत याचिका पर करें फैसला: गौरी लंकेश मर्डर केस में सुप्रीम कोर्ट

हाईकोर्ट के आदेश से बिना प्रभावित हुए आरोपी की जमानत याचिका पर करें फैसला: गौरी लंकेश मर्डर केस में सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक उच्च न्यायालय से कार्यकर्ता-पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या के एक आरोपी की जमानत याचिका पर उसके खिलाफ आरोपों को रद्द करने के आदेश से प्रभावित हुए बिना फैसला करने को कहा है। सुप्रीम कोर्ट ने आदेश के खिलाफ एक याचिका पर कर्नाटक सरकार से जवाब भी मांगा।

पत्रकार गौरी लंकेश हिंदुत्व की राजनीति के खिलाफ अपने कड़े विचारों के लिए जानी जाती थीं। 5 सितंबर, 2017 को बेंगलुरू में उनके राजराजेश्वरी नगर स्थित घर के सामने रात करीब 8 बजे उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उनकी हत्या ने पूरे भारत में विरोध को जन्म दिया क्योंकि कई लोगों ने इसे उन हमलों की एक श्रृंखला के रूप में देखा जिसमे उन कार्यकर्ताओं और लेखकों की हत्या करदी जाती है जो दक्षिणपंथी की आलोचना की है।

इस मामले में कम से कम 12 लोगों को गिरफ्तार किया गया था।

22 अप्रैल को, कर्नाटक उच्च न्यायालय ने मोहन नायक, जो हत्या के मामले में आरोपी नंबर 6 है, के खिलाफ अपराध के आरोप हटा दिए। गौरी की बहन फिल्म निर्माता कविता लंकेश ने अदालत के फैसले को चुनौती दी और विशेष अनुमति याचिका दायर की।

शनिवार को न्यायमूर्ति ए एम खानविलकर, न्यायमूर्ति दिनेश माहेश्वरी और न्यायमूर्ति अनिरुद्ध बोस की तीन सदस्यीय पीठ ने कर्नाटक सरकार और अन्य को नोटिस जारी किया। पीठ ने उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ कविता की अपील पर उनसे जवाब मांगा।

शीर्ष अदालत ने कहा, “विशेष अनुमति याचिका दायर करने की अनुमति मांगने वाले आवेदनों पर नोटिस जारी करना, अंतरिम राहत के लिए प्रार्थना और विशेष अनुमति याचिका।”

पीठ ने आगे कहा, “प्रतिवादी संख्या 6 के वकील को सुनने के बाद, हम देखते हैं कि उच्च न्यायालय के समक्ष प्रतिवादी संख्या 6 द्वारा दायर जमानत आवेदन पर आक्षेपित आदेश से प्रभावित हुए बिना निर्णय लिया जाना चाहिए। क्योंकि, यह इस विशेष अनुमति याचिका में चुनौती का विषय है।”

सुप्रीम कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 15 जुलाई की तारीख तय की है।

कविता की अपील के अनुसार, मोहन नायक कर्नाटक उच्च न्यायालय के उस फैसले पर भरोसा कर रहे हैं जिसने जमानत लेने के लिए उनके खिलाफ आरोपों को खारिज कर दिया था।

कविता के वकील ने शीर्ष अदालत को बताया कि एक विशेष जांच दल ने पहले खुलासा किया था कि नायक एक सिंडिकेट का हिस्सा था जो संगठित अपराध के कई मामलों के पीछे था।

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