सुप्रीम कोर्ट / जस्टिस बोबडे ने कहा- अदालतों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और उच्च तकनीक के इस्तेमाल की जरूरत

सुप्रीम कोर्ट / जस्टिस बोबडे ने कहा- अदालतों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और उच्च तकनीक के इस्तेमाल की जरूरत

सुप्रीम कोर्ट के नामित मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) जस्टिस शरद अरविंद बोबडे ने अदालतों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई)और उच्च तकनीक के इस्तेमाल की जरूरत बताई है। उन्होंने गुरुवार को कहा, “देश में न्याय प्रणाली अच्छी है, इसमें कुछ मामूली बदलाव की जरूरत है। एआई के लिए हमें व्यवस्था में सिर्फ कुछ अतिरिक्त चीजों का इस्तेमाल करना है।” जस्टिस बोबडे 18 नवंबर को मुख्य न्यायाधीश पद की शपथ लेंगे।

जस्टिस बोबडे ने न्यूज एजेंसी से कहा कि न्याय प्रणाली को बेहतर बनाने के लिए कुछ सुधारों की जरूरत है। लंबी अवधि के सुधार के लिए स्टाफ को कानूनी शिक्षा दी जानी चाहिए और छोटी अवधि के लिए अच्छे कर्मचारियों समेत व्यवस्थाओंमें सुधार किया जाना चाहिए।

मौजूदा सीजेआई जस्टिस रंजन गोगोई के रिटायर होने के बाद जस्टिस बोबडेदेश के 47वें मुख्य न्यायाधीश होंगे। वह 18 नवंबर को मुख्य न्यायाधीश पद की शपथ लेंगे। जस्टिस गोगोई ने पिछले महीने कानून मंत्रालय कोपत्र लिखकर उत्तराधिकारी के तौर पर जस्टिस बोबडे के नाम की सिफारिश की थी। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने 29 अक्टूबर को इसे मंजूरी दी थी। 63 वर्षीय जस्टिस बोबडे 23 अप्रैल 2021 को रिटायर होंगे।

24 अप्रैल, 1956 को नागपुर में जन्मे जस्टिस बोबडे ने नागपुर यूनिवर्सिटी से कानून की डिग्री ली। वह 29 मार्च, 2000 को बॉम्बे हाइकोर्ट में अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त हुए थे। 16 अक्टूबर, 2012 को उन्हें मध्यप्रदेश हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश बनाया गया था। 12 अप्रैल, 2013 को उन्हें सुप्रीम कोर्ट में जज बनाया गया था। जस्टिस बोबडे, अयोध्या भूमि विवाद मामले की सुनवाई करने वाली संविधान पीठ में शामिलहैं। यह पीठ नवंबर में अयोध्या केस में फैसला दे सकती है।

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