सिंगल यूज प्लास्टिक पर पूर्ण पाबंदी नहीं लगाएगी सरकार

सिंगल यूज प्लास्टिक पर पूर्ण पाबंदी नहीं लगाएगी सरकार

सरकार के प्रस्तावित बैन से ऐसी कंपनियां निराश हैं जो अपने प्रॉडक्ट्स की पैकेजिंग के लिए प्लाटिक पर निर्भर हैं

सिंगल यूज़ प्लास्टिक पर सरकार ने  पूरी तरह रोक न लगाकर फिलहाल इसके खिलाफ अभियान को जनजागरूकता तक ही सीमित रखा है। सरकार ने साफ किया है कि पीएम मोदी के स्वच्छ भारत मिशन का मकसद सिंगल यूज प्लास्टिक को बैन करना नहीं है। जल शक्ति मंत्रालय द्वारा संचालित ट्विटर हैंडल ‘स्वच्छ भारत’ पर सरकार ने कहा कि अभियान का मकसद सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ जागरूकता फैलाना है।
न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने सरकारी अधिकारियों के हवाले से कहा है कि सरकार सिंगल यूज प्लास्टिक पर पूर्ण प्रतिबंध नहीं लगाने जा रही है। बताया जा रहा है कि सरकार इसके इस्तेमाल नहीं करने के लिए लोगों को जागरूक करेगी लेकिन उत्पादन पर रोक के लिए कोई नहीं कानून नहीं लाने जा रही है। रॉयटर्स की खबर पर ‘स्वच्छ भारत’ ट्विटर हैंडल से दी गई प्रतिक्रिया में भी यही कहा गया है।
‘स्वच्छ भारत’ की ओर से ट्वीट पर कहा गया, ‘पीएम मोदी की ओर से 11 सितंबर 2019 को शुरू किया गया स्वच्छता ही सेवा अभियान का मकसद सिंगल यूज प्लास्टिक को बैन करना नहीं, बल्कि इसके इस्तेमाल को रोकने के लिए लोगों में जागरूकता लाकर जन-आंदोलन बनाना है।’ इस ट्वीट में पीएमओ को भी टैग किया गया है।
रॉयटर्स ने दो अधिकारियों के हवाले से कहा है कि प्लास्टिक बैग्स, कप, प्लेट, छोटे बॉटल, स्ट्रॉ और कुछ प्रकार के पाउच को बैन करने के लिए तत्काल कोई कदम नहीं उठाया जाएगा, सरकार इसके इस्तेमाल में कमी का प्रयास करेगी।

पर्यावरण मंत्रालय के वरिष्ठ नौकरशाह चंद्र किशोर मिश्रा ने कहा, ‘सिंगल यूज प्लास्टिक प्रॉडक्ट्स जैसे पॉलिथिन बैग्स और स्टेरोफॉम के स्टोरेज, मैन्युफैक्चरिंग को लेकर सरकार सरकार राज्यों से मौजूदा कानूनों को ही लागू करने को कहेगी। अभी बैन का कोई नहीं आदेश जारी नहीं किया जाएगा।’

सरकार के प्रस्तावित बैन ने उन कंपनियों को निराश कर दिया है जो सोडा, बिस्किट से लेकर कैचअप और शैंपू जैसे प्रॉडक्ट्स के पैकेजिंग के लिए प्लास्टिक का इस्तेमाल करती हैं। कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री ने कहा कि यह फैसला कई सेक्टर्स के लिए अस्तित्व का मुद्दा बन गया है, क्योंकि विकल्प तुरंत उपलब्ध नहीं है।

Share This

COMMENTS

Wordpress (0)
Disqus (0 )