शिमला के राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय में छात्रों ने बोला हल्ला, उठाए ये सवाल

शिमला के राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय में छात्रों ने बोला हल्ला, उठाए ये सवाल

राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय शिमला (घंडल) में पीने के पानी, खाने की गुणवत्ता और क्लास रूम में सुविधाएं दुरुस्त न होने पर छात्र-छात्राओं ने आंदोलन शुरू कर दिया है। छात्रों ने अपनी मांगों को लेकर मंगलवार को कक्षाओं का बहिष्कार कर विश्वविद्यालय परिसर में प्रदर्शन किया। छात्र-छात्राओं ने इन मांगों को लेकर परिसर में पूरा दिन प्रदर्शन कर नारेबाजी भी की। लॉ छात्रों ने यूनिवर्सिटी की वीसी को लिखित में मांगपत्र भी सौंपा।
मांगपत्र में छात्रों ने आरोप लगाया है कि उन्हें घटिया खाना परोसा जा रहा है। पीने और रोजमर्रा के काम निपटाने को पर्याप्त पानी नहीं मिलता। यूनिवर्सिटी की कुलपति प्रो. निष्ठा जसवाल ने सोमवार और मंगलवार को आंदोलन पर उतरे छात्र-छात्राओं को संबोधित किया और उनसे मांग पर चरचा की। बावजूद इसके आंदोलनरत छात्र मांगों के पूरा होने तक शांत होने को राजी नहीं हैं।

मांगपत्र में छात्रों ने कहा है कि वह ढाई लाख तक फीस चुका रहे हैं, बावजूद इसके उन्हें सुविधाएं नहीं मिल रहीं। पीने के लिए साफ पानी तक नहीं दिया जाता। इंटरनेट की सुविधा भी नहीं है, छात्रावासों के कमरों में पर्दे, पानी और कपड़े धुलाने की सुविधाएं भी नहीं हैं। ईसी-एसी की बैठकों में लिए फैसलों को गुप्त रखा जाता है।

स्टूडेंट कमेटी को किसी तरह के अधिकार नहीं हैं जिससे वह छात्रों का प्रतिनिधित्व नहीं कर पा रहे। छात्रों ने कहा कि पुस्तकालय में किताबें नहीं हैं, मेडिकल भी सुविधा नहीं है। कक्षाएं समयसारणी के मुताबिक नहीं लग रहीं। नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी की कुलपति प्रो. निष्ठा जसवाल ने कहा कि छात्रों से उनकी मांगों पर चरचा की गई है। इसमें कुछ समस्याएं सुलझा दी गई हैं, शेष का भी समाधान हो जाएगा। शिक्षक भी वही खाना खा रहे हैं, जो छात्र-छात्राओं को दिया जाता है। ंसीमित संसाधनों के चलते समस्याएं सुलझाने का प्रयास किया जा रहा है।

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