रॉबर्ट वाड्रा को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 8 फरवरी तक गिरफ्तारी से मिली सुरक्षा

रॉबर्ट वाड्रा को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 8 फरवरी तक गिरफ्तारी से मिली सुरक्षा

गुरुवार को, राजस्थान उच्च न्यायालय ने विदेशी संपत्ति को कथित रूप से कब्जे से संबंधित एक धन शोधन मामले में व्यापारी रॉबर्ट वाड्रा को गिरफ्तारी से 8 फरवरी तक के लिए अंतरिम संरक्षण प्रदान किया।

काँग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा को एक कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अंतरिम संरक्षण मिला है। मामला कंपनी द्वारा सीमावर्ती शहर बीकानेर के कोलायत क्षेत्र में कथित रूप से 275 बीघा जमीन की खरीद से जुड़ा है।

मामला प्रवर्तन निदेशालय ने दर्ज किया था।

ईडी द्वारा वाड्रा की हिरासत में पूछताछ के लिए उच्च न्यायालय में एक आवेदन दायर किया गया था। आवेदन के लिए सुनवाई आज के लिए निर्धारित थी, लेकिन समय की कमी के कारण अदालत इस मामले को उठाने में सक्षम नहीं थी।

सुनवाई की अगली तारीख 8 फरवरी निर्धारित की गई है। राजस्थान उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश डॉ पुष्पेन्द्र सिंह भाटी ने तारीख तय कर दी है और वाड्रा और उनकी माँ को गिरफ्तारी से तब तक के लिए अंतरिम संरक्षण दे दिया है।

कथित बीकानेर भूमि घोटाले में ईडी ने प्रवर्तन मामले की सूचना रिपोर्ट (ईसीआईआर) दर्ज की है।

वर्ष 2016 में, केंद्रीय जांच एजेंसी ने मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया, जिसमें आरोप लगाया गया कि रॉबर्ट वाड्रा के स्वामित्व वाली स्काई लाइट हॉस्पिटैलिटी ने कोलायत, बीकानेर में भूमि का अधिग्रहण किया था, जो गरीब ग्रामीणों के पुनर्वास के लिए थी। यह आरोप लगाया गया कि प्रियंका गांधी के पति, वाड्रा ने सस्ती दर पर 69.55 हेक्टेयर जमीन खरीदी। अवैध लेनदेन के माध्यम से इसे आगे एलेग्नेरी फिनलेज़ को 5.15 करोड़ रुपये में बेच दिया गया। ईडी की जांच के अनुसार, खरीदने वाली कंपनी एलेनजेनरी के पास कोई वास्तविक व्यवसाय नहीं था और शेयरधारकों को भी नकली पाया गया था।

स्थानीय तहसीलदार द्वारा शिकायत किए जाने के बाद राज्य पुलिस द्वारा दर्ज़ एफआईआर के आधार पर मामला दर्ज किया गया था।

21 जनवरी, 2019 को अदालत ने वाड्रा और उनकी मां मौरीन वाड्रा को पूछताछ के लिए ईडी के सामने पेश होने को कहा था।

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