मौलाना रहमान ने दिया प्रधानमंत्री इमरान खान को पद छोड़ने के लिए दो दिन का अल्टीमेटम

पाकिस्तान में कट्टरपंथी मौलाना फजलुर रहमान के नेतृत्व में गोलबंद हुए विपक्ष ने प्रधानमंत्री इमरान खान को दो दिन के भीतर पद छोड़ने का अल्टीमेटम दिया है। सरकार के खिलाफ आजादी मार्च का नेतृत्व करने वाले फजलुर रहमान ने कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे लोगों के धैर्य की परीक्षा लिए बिना ‘पाकिस्तान के गोर्बाचेव’ को इस्तीफा देना ही होगा।

फजलुर रहमान ने इमरान सरकार की कश्मीर नीति की भी आलोचना की और कश्मीरियों को उनके हाल पर छोड़ देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार करतारपुर कॉरिडोर खोलकर भारत के साथ दोस्ती निभा रही है।
रैली में पीएमएल-एन के अध्यक्ष शाहबाज शरीफ ने इमरान सरकार को फर्जी करार देते हुए कहा कि इसे उखाड़ फेंकने का समय आ गया है। जबकि पीपीपी के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो जरदारी ने इमरान खान को कठपुतली करार दिया। उन्होंने कहा कि हमारा मुल्क किसी सेलेक्टेड प्रधानमंत्री के आगे नहीं झुकेगा।

शुक्रवार को यहां बड़ी रैली में तब्दील हुए आजादी मार्च को संबोधित करते हुए रहमान ने कहा कि देश को चलाने का हक यहां के लोगों को है किसी संस्था को नहीं। उलमा-ए-इस्लाम संगठन के प्रमुख मौलाना फजलुर रहमान के नेतृत्व वाले इस मार्च को पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) समेत सभी प्रमुख विपक्षी दलों ने अपना समर्थन दे रखा है।

फजलुर रहमान ने प्रधानमंत्री पर अर्थव्यवस्था के कुप्रबंधन, अक्षमता और खराब शासन का आरोप लगाया और कहा कि इसके चलते आम लोगों की जिंदगी कठिन हो गई है। उन्होंने अपने समर्थकों से कहा, ‘यह व्यक्ति (इमरान खान) चुनाव में धांधली के जरिये सत्ता में आया है। हम उन्हें (इमरान) को इस्तीफा देने के लिए दो दिन का वक्त देते हैं, अन्यथा हम फैसला करेंगे आगे क्या करना है।’

रहमान ने कहा, ‘हम सेना को भी यह तय करने के लिए दो दिन का समय देते हैं कि क्या वह इस सरकार को समर्थन जारी रखेगी। उसके बाद हम देखेंगे कि सेना को लेकर हमें क्या करना है।’

प्रधानमंत्री इमरान खान ने सरकार विरोधी इस प्रदर्शन को खारिज करते हुए कहा कि विपक्षी दल सरकार को ब्लैकमेल करने की कोशिश कर रहे हैं। यह रैली मुल्क के दुश्मन को खुश करने के लिए की गई।

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