महाबलीपुरम पहुंचे शी जिनपिंग, मोदी स्वागत के लिए तमिल वेशभूषा में पहुंचे…

महाबलीपुरम पहुंचे शी जिनपिंग, मोदी स्वागत के लिए तमिल वेशभूषा में पहुंचे…

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ दूसरी अनौपचारिक बैठक के लिए चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग शुक्रवार को महाबलीपुरम पहुंचे। मोदी यहां चीन के राष्ट्रपति के स्वागत के लिए पारंपरिक तमिल वेशभूषा में पहुंचे। उन्होंने मामल्लपुरम में जिनपिंग को अर्जुन तपस्या स्थली, पंच रथ और तट मंदिर के दर्शन कराए और इन स्थलों का महत्व समझाया।

इससे पहले जिनपिंग का चेन्नई एयरपोर्ट पर भी स्वागत किया गया। मोदी और जिनपिंग की मुलाकात का कार्यक्रम करीब 6 घंटे तक चलेगा। इस दौरान भारतीय प्रधानमंत्री और चीन के राष्ट्रपति के बीच 40 मिनट तक वन टू वन मीटिंग हुई। जिनपिंग के चेन्नई पहुंचने पर मोदी ने अंग्रेजी, तमिल और मेंडेरिन में ट्वीट किया- भारत में आपका स्वागत है राष्ट्रपति जिनपिंग।

Pm मोदी ने कहा कि इस मुलाकात से भारत और चीन के रिश्तों को मजबूती मिलेगी। तमिलनाडु के महाबलीपुरम में शुक्रवारऔर शनिवार कोदोनों नेताओं की मुलाकात होगी। साथ ही चेन्नई के ऐतिहासिक शहर महाबलीपुरम (मामल्लपुरम) में कई सांस्कृतिक कार्यक्रमों में शामिल होंगे। चेन्नई से महाबलीपुरम तक 5 हजार जवान तैनात किए गए हैं।रास्तों और कार्यक्रम स्थल पर 800 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए ।

एयरपोर्ट को फूलों से सजाया

शी जिनपिंग के स्वागत की विशेष तैयारियां की गई थीं। चेन्नई एयरपोर्ट को पारंपरिक रूप से केले के पत्तों, फल-फूल मालाओं के साथ सजाया गया था।2000 स्कूली छात्र जिनपिंग का मुखौटा पहनकर अंग्रेजी के शब्द वेलकम की मुद्रा में पहुंचे।

एयरपोर्ट से शी जिनपिंग के साथ प्रधानमंत्री मोदी होटल पहुंचे।वहां खाना खाने के बाद शाम करीब 5 बजे जिनिपंग 60 किमी दूर महाबलीपुरम गए। वहां वह विश्व विरासत स्थल में शामिल शोर मंदिर, 7वीं सदी का अर्जुन का तपस्या स्मारक, पल्लव वंश द्वारा बनाया गया पंच रथ मंदिर देखा। वहां से दोनों नेता डिनर के लिए जाएंगे। शनिवार सुबह प्रतिनिधि स्तर की वार्ता के बाद pmमोदी और शी जिनपिंग भोजन करेंगे। दोपहर में जिनपिंग चीन लौट जाएंगे।

राष्ट्रपति शी जिनपिंग की भारत यात्रा से पहले चीन ने मंगलवार को कश्मीर मसले पर अपना रुख बदल लिया था। मंगलवार को चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गेंग शुआंग ने कहा कि इस मसले को द्विपक्षीय तरीके से हल किया जाना चाहिए। इससे पहले चीन ने कश्मीर मुद्दे पर में संयुक्त राष्ट्र और उसकी सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव के मुताबिक हल निकाले जाने की बात कही थी। इसके बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के दौरे के दौरान चीन ने कहा था कि कश्मीर के हालात पर उसकी नजर है।

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