भारतीयों के काबुली से भारत लौटने की उम्मीद

भारतीयों के काबुली से भारत लौटने की उम्मीद

अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में बिगड़ती सुरक्षा स्थिति को देखते हुए अफगानिस्तान में रहने वाले भारतीयों को अपने स्वदेश वापस लाए जाने की उम्मीद है। सरकार 22 अगस्त रविवार को लगभग 300 भारतीय नागरिकों को निकालकर उन्हें अफगानिस्तान से भारत लाएगी।

हाल के सप्ताहों में, तालिबान, जिन्हें २००१ में अमेरिकी सैनिकों द्वारा बर्खास्त कर दिया गया था, उन्होंने अब व्यावहारिक रूप में पूरे अफगानिस्तान को पर्याप्त रूप से नियंत्रित कर लिया है।

नतीजतन, भारत सरकार ने अपने निवासियों को तालिबान के शासन से बचाने के लिए ब्रिटेन, अमेरिका और अन्य देशो की सरकार से सहायता लेकर संघर्षग्रस्त देश से निकासी शुरू कर दी है।

तालिबान के अधिग्रहण के बाद अफगानिस्तान की राजधानी में हवाई अड्डे के आसपास तबाही को देखते हुए, भारत सहित कई राष्ट्र काबुल से अपने नागरिकों को निकालने में चुनौतियों का सामना कर रहे हैं।

सत्तासी भारतीयों और दो नेपालियों को शनिवार, 21 अगस्त को काबुल से भारतीय वायु सेना के एक सैन्य हवाई जहाज में ताजिकिस्तान की राजधानी दुशांबे ले जाया गया और लोगों को मध्य एशियाई शहर से एयर इंडिया की उड़ान में वापस दिल्ली ले जाया जा रहा है रविवार की सुबह को । विदेश मंत्रालय के प्रतिनिधि अरिंदम बागची ने बताया कि 87 भारतीयों को लेकर एयर इंडिया की एक फ्लाइट को ताजिकिस्तान से नई दिल्ली के लिए रवाना किया गया है।

बागची ने कहा, “अफगानिस्तान से भारतीयों को घर लाना! एआई 1956, 87 भारतीयों को लेकर ताजिकिस्तान से नई दिल्ली के लिए प्रस्थान करेगा । दो नेपाली नागरिकों को भी निकाला गया। दुशांबे में हमारे दूतावास द्वारा सहायता और समर्थन किया गया आगे और भी निकासी विमान उड़ेंगे ,” बागची ने कहा।

कतर में भारतीय दूतावास ने जानकारी दी कि 135 भारतीयों को भारत भेजा जा रहा है, जिन्हें पिछले कुछ दिनों में काबुल से दोहा निकाला गया था।

दूतावास ने एक ट्वीट में कहा, “पिछले दिनों काबुल से दोहा लाए गए 135 भारतीयों के पहले जत्थे को आज रात भारत वापस लाया जा रहा है।”

भारत ने भारतीय वायुसेना के दो सी-17 भारी-भरकम परिवहन विमानों में 200 व्यक्तियों को प्रभावी ढंग से निकाला है, जिसमें काबुल में भारतीय दूत और दूतावास के कुछ स्टाफ सदस्य शामिल हैं।

16 अगस्त को पहली निकासी उड़ान से 40 से अधिक लोगों को वापस लाया गया है, जिसमें ज्यादातर भारतीय दूतावास के कर्मचारी शामिल हैं

१७ अगस्त को दूसरे सी-17 विमान में लगभग १५० लोगों को निकाला गया, जिसमें ज्यादातर भारतीय राजनयिक, अधिकारी, सुरक्षाकर्मी और काबुल से फंसे कुछ भारतीय शामिल हैं।

 अमेरिका और उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) की शक्तियों ने भारत को निकासी की अनुमति दी है जिसके अनुसार अफगानिस्तान में छोड़े गए अपने नागरिकों को निकालने के लिए भारत को काबुल से प्रतिदिन दो उड़ानें लेने की अनुमति दी गई है।

 17 अगस्त को प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने सुरक्षा पर कैबिनेट समिति (सीसीएस) की एक बैठक आयोजित की और सभी संबंधित अधिकारियों को आने वाले दिनों में अफगानिस्तान से भारतीय नागरिकों की सुरक्षित निकासी सुनिश्चित करने के लिए हर आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

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