पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुणजेटली का निधन हस्पताल में ली आख़िरी सांस

पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुणजेटली का निधन हस्पताल में ली आख़िरी सांस

                पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली का शनिवार को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में निधन हो गया,  66 वर्षीय जेटली का कई हफ्तों से अस्पताल में इलाज चल रहा था।
जेटली  को सांस लेने में दिक्कत और बेचैनी की शिकायत के बाद 9 अगस्त को एम्स लाया गया था। एम्स ने 10 अगस्त के बाद से जेटली के स्वास्थ्य पर कोई बुलेटिन जारी नहीं किया है। जेटली ने खराब स्वास्थ्य के चलते 2019 का लोकसभा चुनाव नहीं लड़ा था अरुण जेटली सीए बनना चाहते थे लेकिन उन्होंने अपने पिता के पेशे वकालत को ही अपनाया. राजनीति में आने से पहले अरुण जेटली सुप्रीम कोर्ट में वकालत कर रहे थे. सन 1977 में एलएलबी करने के बाद अरुण जेटली सुप्रीम कोर्ट और देश के कई उच्च न्यायालयों में वकालत करने लगे थे. जनवरी 1990 में अरुण जेटली को दिल्ली हाईकोर्ट ने वरिष्ठ वकील नामित किया. अरुण जेटली को सन 1989 में वीपी सिंह सरकार के दौर में अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल नियुक्त किया गया था.
 एम्स ने एक संक्षिप्त बयान में कहा, “यह गहन दुख के साथ है कि हम अरुण जेटली के निधन के बारे में सूचित करते हैं।”
उन्होंने पिछले साल 14 मई को रेल मंत्री पीयूष गोयल के साथ वित्त मंत्रालय में भरने के लिए एम्स में गुर्दे का प्रत्यारोपण कराया था।
 जेटली, जिन्होंने पिछले साल अप्रैल की शुरुआत से कार्यालय जाना बंद कर दिया था, 23 अगस्त 2018 को वित्त मंत्रालय में वापस आ गए थे

 

 सितंबर 2014 में, उन्होंने लंबे समय तक मधुमेह की स्थिति के कारण अपने वजन को ठीक करने के लिए बेरिएट्रिक सर्जरी की।
भाजपा के वरिष्ठ नेता का रविवार को अंतिम संस्कार किया जाएगा। यह जानकारी जेटली के करीबी लोगों की तरफ से कही गई। जेटली के शव को एम्स से उनके कैलाश कॉलोनी स्थित निवास पर ले जाया जाएगा। इसके बाद उनके शव को अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा।
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