पुलिस ने दिल्ली के गाजीपुर बॉर्डर पर विपक्षी सांसदों को किसानों से मिलने से रोका

पुलिस ने दिल्ली के गाजीपुर बॉर्डर पर विपक्षी सांसदों को किसानों से मिलने से रोका

गुरुवार की सुबह गाजीपुर सीमा पर विपक्षी नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल उन किसानों से मिलने के लिए क्षेत्र पहुंचा जो केंद्र सरकार के नए कृषि कानूनों का विरोध कर रहे हैं।

विपक्ष के नेता जैसे एनसीपी सांसद सुप्रिया सुले, डीएमके सांसद कनिमोझी, एसएडी सांसद हरसिमरत कौर बादल और टीएमसी सांसद सौगत रॉय, सीमा पर पहुंचे प्रतिनिधिमंडल में शामिल हैं। जैसे ही नेता सीमा पर पहुंचे, उन्हें पुलिस ने रोक दिया और किसानो से नहीं मिलने दिया। (एएनआई)

एनसीपी सांसद सुप्रिया सुले ने कहा, हम किसानों से मिलने के रास्ते पर हैं। हम सभी किसानों का समर्थन करते हैं, हम सरकार से किसानों के साथ बातचीत करने का अनुरोध करते हैं और उनके साथ न्याय किया जाए। ”

एसएडी सांसद हरसिमरत कौर बादल ने कहा, “हम यहां हैं ताकि हम इस मुद्दे (किसानों के विरोध) पर संसद में चर्चा कर सकें, स्पीकर हमें इस मुद्दे को उठाने नहीं दे रहे हैं। अब सभी पक्ष इस बात का विवरण देंगे कि यहां क्या हो रहा है।”

बुधवार को, बीजेपी ने विपक्षी दलों से आंदोलन को एक और शाहीन बाग में न बदलने का आग्रह किया। सत्तारूढ़ पार्टी ने राज्यसभा में कहा कि किसानों के लिए सरकार के दरवाजे हमेशा खुले है ताकि समस्या का समाधान हो सके।

एएनआई द्वारा साझा किए गए एक वीडियो में, गाजीपुर बॉर्डर विरोध स्थल पर लगाए गए बैरिकेड्स के पास तय किए गए कीलो को हटाया जा रहा है। हालांकि गुरुवार सुबह जारी एक बयान में पुलिस ने स्पष्ट तरीके से कहा, “वीडियो और तस्वीरें प्रसारित हो रही हैं, जिसमें यह दिखाया गया है कि गाजीपुर से कीलें हटाये जा रहे हैं। उनकी सिर्फ जगह बदली जा रही है। सीमा पर व्यवस्था की स्थिति समान बनी हुई है। ”

पिछले सितंबर से केंद्र अपने 3 नए कृषि कानूनों के कारण काफी आलोचना का सामना कर रहा है। केंद्र द्वारा 3 कृषि कानूनों से किसान शुरुवात से सहमत नहीं है, इसलिए वे इन कानूनों का विरोध करते रहे हैं। किसानों का आंदोलन हर बीतते दिन के साथ बढ़ रहा है, क्योंकि किसानो ने कानूनों को वापस लेने की मांग की है और केंद्र ने ऐसा करने से इनकार कर दिया है।

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