पाकिस्तानी क्वाडकॉप्टर के भारत में प्रवेश करने के बाद बीएसएफ ने की फायरिंग

पाकिस्तानी क्वाडकॉप्टर के भारत में प्रवेश करने के बाद बीएसएफ ने की फायरिंग

शुक्रवार तड़के, पाकिस्तान के एक क्वाडकॉप्टर ने जम्मू के अरनिया सेक्टर से अंतरराष्ट्रीय सीमा के साथ भारतीय क्षेत्र में प्रवेश करने की कोशिश की। सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवानों ने जैसे ही उस पर फायरिंग की, ड्रोन वापस उड़ गया।

बीएसएफ ने बताया कि जासूसी ड्रोन “क्षेत्र की निगरानी” के लिए भारतीय क्षेत्र में घुसने की कोशिश कर रहा था। एक खुफिया अधिकारी ने बताया कि उसकी हरकत को सीमा चौकी जबोवाल के पास देखा गया। ड्रोन को देखते ही बीएसएफ की 42 बटालियन के जवानों ने छोटे हथियारों से करीब 20 से 25 राउंड फायरिंग की। हालांकि, पाकिस्तानी ड्रोन पीछे हट गया।

बीएसएफ के एक प्रवक्ता ने कहा, “अलर्ट बीएसएफ के जवानों ने शुक्रवार सुबह 4.24 बजे पाकिस्तान से संबंधित छोटे क्वाडकॉप्टर पर गोलीबारी की, क्योंकि यह अरनिया सेक्टर में आईबी पार करने की कोशिश कर रहा था। इस फायरिंग की वजह से वो तुरंत वापस लौट गयी।“

बीएसएफ के जम्मू सीमांत महानिरीक्षक एनएस जामवाल ने कहा, “क्वाडकॉप्टर जीरो लाइन और सीमा बाड़ के बीच उड़ रहा था। बीएसएफ के सतर्क जवानों ने उस पर गोलीबारी की… हमने इलाके की तलाशी ली और कोई हथियार और गोला-बारूद नहीं मिला।“

रविवार को जम्मू में भारतीय वायु सेना (आईएएफ़) स्टेशन पर एक ड्रोन द्वारा हमला किए जाने के पांच दिन बाद क्वाडकॉप्टर आता है। विस्फोटक ले जा रहे दो ड्रोन जम्मू हवाई अड्डे पर भारतीय वायुसेना स्टेशन में दुर्घटनाग्रस्त हो गए और कम से कम दो कर्मियों को घायल कर दिया। इसके बाद से जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बल हाई अलर्ट पर हैं।

यह हमला किसी भारतीय सैन्य सुविधा को निशाना बनाने के लिए ड्रोन का पहला आक्रामक इस्तेमाल था। श्रीनगर स्थित 15 कोर के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल डीपी पांडे के अनुसार, जम्मू में हवाई हमले में इस्तेमाल की जाने वाली तकनीक ने “राज्य समर्थन और पाकिस्तान स्थित जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादी समूहों की संभावित भागीदारी का संकेत दिया।“

देश के सुरक्षा मामलों में ड्रोन नवीनतम खतरा हैं। लगातार चार दिनों से कालूचक, रत्नुचक, सुंजवान और कुंजवानी में सैन्य स्टेशनों पर ड्रोन देखे गए हैं।

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