कोटकपूरा निवासियों को जगी आवारा पशुओं की समस्या से निजात की उम्मीद

कोटकपूरा निवासियों को जगी आवारा पशुओं की समस्या से निजात की उम्मीद

जतिंदर कुमार. फरीदकोट/कोटकपूरा
हालांकि राज्य भर में आवारा पशु लोगों के लिए जी का जंजाल बन चुके हैं और इनके कारण विभिन्न शहरों में अनेकों व्यक्ति मौत के मुंह में समा चुके हैं। इसी के चलते अनेकों शहरों में लोगों ने आवारा पशुओं की समस्या से निजात के लिए संघर्ष भी शुरु कर दिया है। इसी तरह जिले के शहर कोटकपूरा में भी सामाजिक संगठनों द्वारा आवारा पशुओं की समस्या से निजात के लिए दिए गए रोष धरनों के पश्चात जिला प्रशासन हरकत में आया है। जिसके चलते प्रशासन ने शहर की गोशाला कमेटी का रिकार्ड जब्त कर जांच शुरु कर दी है। उधर प्रशासन के हरकत में आने से लोगों को समस्या से राहत की उम्मीद जगी है।
उल्लेखनीय है कि वैसे तो आवारा पशुओं की समस्या जिले भर में हैं। जिसके चलते जिले भर में अनेकों जाने भी जा चुकी हैं। परन्तु कोटकपूरा की सामाजिक जत्थेबंदियों ने पहल करते हुए इस समस्या के समाधान के लिए एकजुट होने का निर्णय लिया और गुड मार्निंग वैलफेयर क्लब की अगुवाई में विभिन्न जत्थेबंदियों द्वारा शहर के लाईटों वाले चौंक में गत् 26 अगस्त व 29 सितंबर को रोष धरने दिए गए। इस दौरान जत्थेबंदियों द्वारा स्थानीय गोशाला कमेटी का हिसाब किताब चैक करने की मांग भी प्रशासन के समक्ष रखी गई थी। जिसके पीछे तर्क यह था कि स्वतंत्रता से पूर्व रियासती परिवार ने गौवंश को संभालने के लिए गोशाला कमेटी को 100 एकड़ जमीन दान की थी। परन्तु इतनी जमीन होने के बावजूद गौवंश को संभाला नहीं जा रहा है। जिसके कारण वे शहर में आवारा घूम रही हैं और इनके कारण अनेकों दुर्घटनाएं होती हैं।
गुड मार्निंग क्लब के अध्यक्ष गुरबचन सिंह टोनी व आप विधायक कुलतार सिंह संधवा का कहना है कि सरकारें गऊ सैस के नाम पर लोगों से टैक्स तो वसूल रही हैं परन्तु इन्हें संभालने के लिए गंभीर नहीं है। उन्होंने कहा कि या तो सरकार व प्रशासन इस समस्या का हल करें या फिर टैक्स वसूलना बंद करें। जत्थेबंदियों द्वारा धरने के लिए गोशाला कमेटी का हिसाब किताब चैक करने की रखी गई मांग पर अमल करते हुए जिला प्रशासन की हिदायतों पर उपमंडल प्रशासन द्वारा गोशाला का रिकार्ड कब्जे में ले लिया गया है और जांच शुरु हो गई है।

Share This

COMMENTS

Wordpress (0)
Disqus (0 )