उन्नाव गैंगरेप केस में CBI ने कुलदीप सिंह सेंगर से हटाया मर्डर का केस!

उन्नाव गैंगरेप केस में CBI ने कुलदीप सिंह सेंगर से हटाया मर्डर का केस!

उन्नाव रेप की पीड़िता के साथ हुए दुर्घटना मामले में सीबीआई ने जांच के बाद ‘आरोप-पत्र’ से बीजेपी से निष्कासित विधायक कुलदीप सिंह सेंगर और उसके अन्य सहयोगियों के खिलाफ हत्या के आरोप हटा दिए हैं। न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक शुक्रवार को सीबीआी ने अपनी चार्जशीट दाखिल कर दी। उन्नाव सड़क हादसे में रेपकांड की पीड़िता के दो रिश्तेदारों की मौत हो गई थी, जबकि वह और उसका वकील बच गए। सड़क हादसे में साजिश की बात सामने आने के बाद पड़िता के साथ पहले से बलात्कार के आरोप बीजेपी से निष्कासित विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर साजिश रचने और हत्या के आरोप लगे थे।

लखनऊ की विशेष सीबीआई अदालत में दाखिल अपने पहले आरोप-पत्र में सीबीआई ने FIR में नामजद सेंगर और अन्य सभी आरोपियों को आपराधिक साजिश रचने एवं डराने-धमकाने से संबद्ध भारतीय दंड संहिता की धाराओं के तहत आरोपी बनाया है। लेकिन, हत्या का आरोप हटा दिया है। गौरतलब है कि सड़क हादसे के मामले में सीबीआई ने अपनी प्राथमिकी में सेंगर और नौ अन्य के विरूद्ध आपराधिक साजिश, हत्या, हत्या के प्रयास और डराने धमकाने से संबंधित IPC की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था।

सेंगर ने 2017 में पीड़िता का कथित तौर पर बलात्कार किया था। उस समय पीड़िता नाबालिग थी। वह 28 जुलाई को उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले में हुए सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गई थी। पीड़िता की कार को एक तेज रफ्तार ट्रक ने टक्कर मार दिया था, जिसमें उसके दो रिश्तेदारों की मौत हो गई थी और उनका वकील गंभीर रूप से घायल हो गया था।

अधिकारियों ने बताया कि हादसे से जुड़े ट्रक चालक आशीष कुमार पाल पर लापरवाही के चलते किसी की मौत की वजह बनने, किसी की जान जोखिम में डालकर उसे गंभीर चोट पहुंचाने, लापरवाही से वाहन चलाने से संबद्ध IPC की धाराओं के तहत आरोपी बनाया गया है।
उन्होंने बताया कि सीबीआई के आरोप पत्र में पाल के खिलाफ आपराधिक षड्यंत्र रचने का कोई आरोप नहीं लगाया गया है।

एजेंसी ने उत्तर प्रदेश सरकार से कुछ अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने की सिफारिश की है, लेकिन उनकी पहचान उजागर नहीं की। हादसे के समय पीड़िता की सुरक्षा में तैनात उत्तर प्रदेश पुलिस का कोई सुरक्षा कर्मी उसके साथ नहीं था। इन सुरक्षार्किमयों को निलंबित कर दिया गया है। हादसे के दो दिन बाद सीबीआई ने 30 जुलाई को सेंगर, उसके भाई मनोज सिंह सेंगर, उत्तर प्रदेश के एक मंत्री के दामाद अरुण सिंह और सात अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया था।

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