अयोध्या केस :- सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित किया, 40 दिनों तक चली सुनवाई

अयोध्या केस :- सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित किया, 40 दिनों तक चली सुनवाई

अयोध्या के ऐतिहासिक जमीन विवाद मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई पूरी हो गई है। सीजेआई रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली 5 सदस्यीय संवैधानिक बेंच ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। सीजेआई अगले महीने 18 नवंबर को रिटायर होने वाले हैं, ऐसे में उससे पहले इस ऐतिहासिक मामले में फैसला आ सकता है। सीजेआई ने बुधवार को स्पष्ट कर दिया कि आज ही शाम 5 बजे तक सुनवाई पूरी होगी लेकिन 1 घंटे पहले ही 4 बजे सुनवाई पूरी हो गई।सीजेआई की अध्यक्षता वाली संवैधानिक बेंच ने संबंधित पक्षों को ‘मोल्डिंग ऑफ रिलीफ’ पर लिखित नोट रखने के लिए 3 दिन का अतिरिक्त समय दिया है। दरअसल मोल्डिंग ऑफ रिलीफ में दोनों पक्षों की ओर से अपील के दौरान जो गुहार लगाई गई है उस गुहार से आगे-पीछे कुछ गुंजाइश बनती है क्या, इस संभावना को देखा जाता है। संवैधानिक बेंच में सीजेआई रंजन गोगोई के अलावा जस्टिस एस. ए. बोबडे, जस्टिस डी. वाई. चंद्रचूड़, जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस एस. ए. नजीर शामिल हैं।

अयोध्या मामले में नियमित सुनवाई तय होने के बाद 40 दिनों तक हिंदू और मुस्लिम पक्षों ने अपनी-अपनी दलीलें रखीं। बुधवार को सुनवाई के 40वें और आखिरी दिन अयोध्या मामले पर आखिरी सुनवाई के दौरान जोरदार बहस देखने को मिली. बुधवार को जब सुनवाई के दौरान हिन्दू महासभा की ओर से वरिष्ठ वकील विकास सिंह ने दलीलें देनी शुरू की तो मुस्लिम पक्ष के वकील राजीव धवन के साथ उनकी तीखी तकरार हुई. कोर्ट की कार्यवाही के दौरान मुस्लिम पक्ष के वकील राजीव धवन ने विकास सिंह द्वारा पेश किए गए एक नक्शे को फाड़ दिया और उसके पांच टुकड़े कर दिए. इसके बाद दोनों पक्षों के वकीलों में तीखी नोकझोक भी हुई।

इस पर सीजेआई गोगोई ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने देखा कि मामले में शामिल पक्ष एक ऐसा माहौल पैदा कर रहा है, जो सुनवाई के अनुकूल नहीं है। उन्होंने कहा, ‘हम सुनवाई को इस तरह से जारी नहीं रख सकते। लोग खड़े हो रहे हैं और बिना बारी के बोल रहे हैं। हम भी अभी खड़े हो सकते हैं और मामले की कार्यवाही को खत्म कर सकते हैं।’

Share This

COMMENTS

Wordpress (0)
Disqus (0 )